मुंबई जा रहे एक सोना कारोबारी के 5.53 करोड़ रुपये के गहने ट्रेन से चोरी हो गए। यह घटना 6-7 दिसंबर की रात को सोलापुर से मुंबई जा रही सिद्धेश्वर एक्सप्रेस में हुई। कारोबारी ने अपने गहनों से भरे दो ट्रॉली बैग सीट के नीचे रखे थे, जिन्हें एक चोर ने तब चुरा लिया जब वह सो रहा था।मुंबई: मुंबई-सोलापुर सिद्धेश्वर एक्सप्रेस ( Siddheshwar Express ) में एक चौंकाने वाली चोरी हुई है। ट्रेन के एसी ए-1 कोच से एक यात्री की लॉक की हुई ट्रॉली बैग से करीब 5 किलो सोना चोरी हो गया। इसकी कीमत 5.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह घटना 6 दिसंबर की मध्यरात्रि को हुई। पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए तीन टीमें बनाई हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि यह चोरी किसी सुनियोजित और संगठित गिरोह ने की है।आखिर हुआ क्या था? मुंबई के गोरेगांव के रहने वाले अभय कुमार जैन अपनी बेटी के साथ AC फर्स्ट क्लास कोच A-1 में सफर कर रहे थे। उनके बर्थ नंबर 49 और 51 थे। सफर के दौरान जैन के पास दो ट्रॉली बैग थे। एक ट्रॉली बैग में 5 किलो सोने के गहने थे। रात में सफर के दौरान सोने से पहले उन्होंने ट्रॉली बैग को लॉक करके अपनी बर्थ के नीचे रख दिया। 7 दिसंबर की सुबह जब ट्रेन कल्याण स्टेशन पहुंची, तो जैन की नींद खुली, लेकिन उन्हें एहसास हुआ कि सोने वाला ट्रॉली बैग गायब है। कल्याण में चोरी का केस दर्ज उन्होंने तुरंत TTE विक्रम को इस बारे में बताया और रेलवे इमरजेंसी हेल्पलाइन पर संपर्क किया। चूंकि सोने वाले बैग के गायब होने की घटना की सूचना कल्याण के पास मिली थी, इसलिए जैन को कल्याण रेलवे पुलिस यानी जीआरपी से संपर्क करने के लिए कहा गया। उसके बाद कल्याण में ही चोरी का मामला दर्ज किया गया।कौन-कौन से गहने हुए चोरी? पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए जैन ने पुलिस को गहनों की पूरी लिस्ट और पूरी जानकारी दी। चोरी हुआ बैग नीले और काले रंग का अमेरिकन टूरिस्ट ट्रॉली बैग था। इसमें सोने के गहनों से भरा एक सफेद प्लास्टिक का डिब्बा था, उस डिब्बे में हार, मंगलसूत्र, अंगूठी, झुमके, चेन, कटोरी और दूसरे गहने थे। इस गहने की कीमत 5.5 करोड़ रुपये थी। गहनों वाले बैग की तलाश के लिए पुलिस की तीन टीमें बनाई गई हैं।डिब्बों से CCTV फुटेज की जांच कर रही पुलिस पुलिस ने उम्मीद जताई है कि इस बारे में जल्द ही ठोस सबूत मिल जाएंगे। पुलिस रेलवे स्टेशनों और डिब्बों से CCTV फुटेज की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि चोरी की प्लानिंग बहुत सोच-समझकर की गई थी और इसे ट्रैवल से जुड़े एक ऑर्गनाइज़्ड गैंग ने अंजाम दिया था। इस घटना ने लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।