चाची का गला घोंटा, फिर सिर-चेहरे पर किए थे वार:9 दिन झाड़ियों में पड़े शव को जानवरों ने नोचा; आरोपी को उम्र कैद
चाची की बेरहमी से गला घोंटकर हत्या करने, फिर उसके पास से रकम व जेवरात लूटने वाले जेठूते(जेठ का लड़का) को बाड़मेर एडीजे कोर्ट- 2 ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
एडीजे कोर्ट-2 के लोक अभियोजक सुरेशचंद्र मोदी ने बताया- कोर्ट में सुनवाई के दौरान 23 गवाह, 87 डॉक्यूमेंट और 16 आर्टिकल पेश किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आज न्यायाधीश पीयूष चौधरी ने आरोपी मेघाराम पुत्र दलाराम निवासी करणपुरा चौखला को दोषी पाया। इसके बाद उसे आजीवन कारावास और लूट में 10 साल की सजा सुनाई है।
घटना 10 अप्रैल 2022 को बाड़मेर के गांव बांदरा में हुई थी। इस दौरान महिला का शव 9 दिन बाद कंटीली झाड़ियों में मिला, जिसे जानवरों ने बुरी तरह नोच खाया था और सिर्फ कंकाल ही रह गया था।
- जेठ के लड़के साथ कपड़े लेने बाड़मेर गई थी महिला: नागाणा चौखला निवासी भोमाराम ने 13 अप्रैल 2022 को पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया- 10 अप्रैल को पत्नी कमला अपने जेठूते (जेठ का लड़का) मेघाराम पुत्र दलाराम के साथ शादी के कपड़े लेने के लिए बाड़मेर शहर गई थी, जो नहीं लौटी। महिला के घर से निकलने के 2 घंटे बाद ही उसका मोबाइल स्विच ऑफ आया।
- बदनामी का बदला लेने के लिए हत्या की: पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की। जांच के बाद आरोपी मेघाराम को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ की तो आरोपी ने बताया- चाची कमला उसे और उसके पिता को किसी के साथ अफेयर होने के मामले में गांव में बदनाम कर रही थी। इससे वो परेशान था। इसी कारण वो काफी समय से महिला को ठिकाने लगाने की तैयारी में था।
- गला दबाकर सिर और चेहरे पर किए ताबड़तोड़ वार: 10 अप्रैल को वह चाची कमला से मिला। बाड़मेर जाने के बारे में बताया तो कमला ने कहा कि वह भी कपड़े लेने के लिए बाड़मेर चलना चाहती है। इस पर दोनों साथ रवाना हुए। बांदरा के पास बातचीत करते हुए पहले झगड़ा किया। फिर गला घोंटा और मुंह व सिर पर लगातार कई वार कर हत्या कर दी। आरोपी 12 अप्रैल को जोधपुर में मोटरपंप की दुकान पर मजदूरी पर लग गया था। जोधपुर से ही मेघाराम को गिरफ्तार किया गया।
- 9 दिन जानवरों ने नोचा शव, सिर्फ कंकाल मिला: जांच में सामने आया कि 10 अप्रैल को महिला की हत्या हुई, लेकिन शव 18 अप्रैल को मिला। इन 9 दिनों में खुले में पड़े शव को जानवरों ने बुरी तरह से नोच लिया था। सिर्फ कंकाल ही बचा था। आरोपी युवक की निशानदेही पर पुलिस शव तक पहुंची थी। मामले दर्ज होने के बाद करीब साढ़े 3 साल तक कोर्ट में सुनवाई चली, जिसके बाद बुधवार को ही मामले में फैसला आया।
