मणिपुर में गनपॉइंट पर राजस्थान के खिलाड़ी, अशोक गहलोत बोले- ‘बंदूक की नोक पर बच्चों को बंधक बनाना शर्मनाक’

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मणिपुर में नेशनल स्कूल गेम्स खेलने गई राजस्थान की टीम को उग्रवादियों ने बंधक बनाकर लूट लिया। 13 जनवरी की रात गनपॉइंट पर हुई इस वारदात से हड़कंप मच गया है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने इसे ‘बेहद चिंताजनक’ बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति शासन में बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।जयपुर: मणिपुर की वादियों में मेडल जीतने का सपना लेकर गए राजस्थान के स्कूली खिलाड़ियों के लिए 13 जनवरी की रात किसी खौफनाक मंजर से कम नहीं थी। 69वीं नेशनल स्कूल चैंपियनशिप में हिस्सा लेने गई टीम को उग्रवादियों ने रास्ते में घेर लिया और बंदूक की नोक पर घंटों बंधक बनाए रखा। इस घटना ने अब राजस्थान से लेकर दिल्ली तक सियासी गलियारों में उबाल ला दिया है। अशोक गहलोत ने घटना को लेकर कड़ी आपत्ति जताई और केंद्र सरकार को घेरा। राजस्थान की टीम 13 जनवरी की रात दीमापुर से इंफाल की ओर सड़क मार्ग से जा रही थी। रात करीब 12:30 बजे हथियारबंद उग्रवादियों ने खिलाड़ियों की गाड़ी रोक ली। परिजनों और खिलाड़ियों के अनुसार, हथियार लहराते बदमाशों ने न केवल रास्ता रोका, बल्कि बच्चों के पास मौजूद नकदी भी छीन ली। करीब दो घंटे तक खिलाड़ी दहशत के साये में रहे। गनीमत रही कि किसी को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन बच्चों के मन पर जो डर बैठा, उसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।इस घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ‘X’ पर पोस्ट कर केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। गहलोत ने लिखा- ‘बेहद दुखद और चिंताजनक है कि मणिपुर गई राजस्थान की टीम को बंदूक की नोक पर बंधक बनाने एवं लूट की खबरें आई हैं। मणिपुर दो वर्षों से हिंसा से जूझ रहा है और अब वहां राष्ट्रपति शासन है, तो पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। बच्चों के साथ ऐसी घटना होना गंभीर है।’ गहलोत ने राजस्थान सरकार से सवाल पूछा कि खेल विभाग ने अब तक क्या एक्शन लिया है?घटना के बाद उजागर हुआ कि 52 खिलाड़ियों की टीम के लिए सरकार ने केवल 24 कंफर्म टिकट भी नहीं दिलाए। परिजनों का आरोप है कि बड़ी संख्या में महिला खिलाड़ी थीं, जिन्हें ट्रेन में बाथरूम के बाहर बैठकर सफर करना पड़ा। सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे, जिसके चलते टीम को उग्रवाद प्रभावित इलाकों में सड़क मार्ग से रात को सफर करना पड़ा। हालांकि, कोच सोहनराम ने सभी खिलाड़ियों के सुरक्षित होने की पुष्टि की है, लेकिन इस घटना ने नेशनल लेवल के आयोजनों में खिलाड़ियों की सुरक्षा और सरकार की तैयारियों की पोल खोल दी है।

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