मुंबई: बीएमसी प्रशासन ने मुंबई में धोखाधड़ी कर जारी किए 237 बर्थ सर्टिफिकेट का रिव्यू किया है। इनमें से 119 सर्टिफिकेट ऑनलाइन पोर्टल से हटा दिए गए हैं। जिन परिवारों को ये बर्थ सर्टिफिकेट जारी किए थे अब उनसे वापस ले लिए गए हैं। मेयर ऋतु तावड़े ने यह जानकारी बीएमसी मुख्यालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक के बाद दी। लगभग एक महीने पहले उन्होंने पहली बार बांग्लादेशी नागरिकों को कथित तौर पर धोखाधड़ी से जारी किए गए बर्थ सर्टिफिकेट पर चिंता जताई थी। इस बैठक में पूर्व बीजेपी सांसद किरीट सोमैया भी शामिल हुए। वो अधिकारियों के साथ इस मामले को आगे बढ़ा रहे हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।ऋतु तावड़े ने बताया कि कुल 237 मामलों में से 119 जन्म प्रमाणपत्र वापस लिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि बाकी मामलों में 29 लोगों ने प्रशासन के संपर्क करने के बावजूद अपने प्रमाणपत्र वापस करने से इनकार कर दिया है। ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 87 लोग ऐसे हैं जिनका कोई पता नहीं चल सका है। इन मामलों में भी अधिकारियों को एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया है। इस तरह कुल 116 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी है। अधिकारियों के अनुसार दो अन्य प्रमाणपत्रों में सिस्टम में तकनीकी त्रुटि दिखाई दे रही है।सबसे अधिक आवेदन एम-ईस्ट (मानखुर्द-गोवंडी), ई वार्ड (भायखला) और एल वार्ड (कुर्ला) से आए हैं, जिससे संदेह पैदा होता है। इन 19,859 जन्म प्रमाणपत्रों की जांच करने के लिए कहा गया है और प्रशासन ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए तीन महीने का समय मांगा है।सबसे अधिक आवेदन एम-ईस्ट (मानखुर्द-गोवंडी), ई वार्ड (भायखला) और एल वार्ड (कुर्ला) से आए हैं, जिससे संदेह पैदा होता है। इन 19,859 जन्म प्रमाणपत्रों की जांच करने के लिए कहा गया है और प्रशासन ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए तीन महीने का समय मांगा है।मेयर ने यह भी कहा कि प्रशासन इस बात की जांच करेगा कि यदि संबंधित दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो ऐसे लोगों को आधिकारिक रिकॉर्ड से हटाने की प्रक्रिया कैसे की जा सकती है। उन्होंने बताया कि किरीट सोमैया को महाराष्ट्र बीजेपी की नौ सदस्यीय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वो मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की निगरानी करेगी। इसके साथ ही मेयर ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की भी मांग की है।
