, बिलासपुर। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार को बिलासपुर में केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी आवाज दबाने के लिए हिस्ट्रीशीटरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।गो रक्षा, सनातन धर्म और यूजीसी नियमों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी निशाने पर लिया और कहा वे असली हिंदू नहीं हैं।शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एक कार्यक्रम में शामिल होने बेमेतरा गए थे। वहां से लौटते समय बिलासपुर में उन्होंने पत्रकारों से चर्चा की और सत्तारूढ़ दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से गो रक्षा का मुद्दा उठा रहे हैं, लेकिन सरकारें इस दिशा में गंभीर नहीं हैं। उनके अनुसार इस संवेदनशील विषय का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग हो रहा है, जबकि ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। यह भी आरोप लगाया कि उनकी आवाज को दबाने के लिए सत्तारूढ़ दल हिस्ट्रीशीटरों का सहारा ले रहे हैं। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। सनातन धर्म को लेकर उन्होंने कहा कि इसे बाहरी नहीं, अंदर मौजूद कालनेमियों से खतरा है, जो इसे कमजोर कर रहे हैं।यूजीसी के नए नियमों पर उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे हिंदुओं को बांटने वाला और राष्ट्रद्रोह तक करार दिया। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने सरकार की नीयत पर सवाल उठाए और कहा कि वहां केवल वोट की राजनीति हो रही है। योगी आदित्यनाथ पर उन्होंने कहा कि तय समय में वे खुद को साबित नहीं कर पाए।यूजीसी के नए नियमों को लेकर शंकराचार्य ने इसे समाज को बांटने वाला बताया। उन्होंने इसे राष्ट्रद्रोह करार देते हुए लागू नहीं करने की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल आलोचना को दबाने के लिए आपराधिक तत्वों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है।शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बेमेतरा के ग्राम सलधा स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम से प्रयागराज जाते समय बोदरी (चकरभाठा) एयरपोर्ट मार्ग में भगवान श्री परशुराम भवन पहुंचे।यहां समग्र ब्राह्मण समाज व सनातनी जन ने उनका स्वागत कर आरती-पूजन किया। इस दौरान कांग्रेस नेता राजेन्द्र शुक्ला व उनकी पत्नी अनिता राजेन्द्र शुक्ला ने शंकराचार्य का पादुका पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
