नशे का कारोबार करने वाले अब नई साजिश रचने लगे हैं। मुफ्त विदेश यात्रा का लालच देकर वे आम लोगों को इस जाल में फंसाने की कोशिश में लगे हुए हैं।
ड्रग तस्कर खुद जोखिम न उठाकर आम लोगों को इस धंधे में फंसा रहे हैं। वो परदे के पीछे रहकर नशीले ड्रग्स की तस्करी को अंजाम देना चाहते हैं। अगर पुलिस पकड़ती है तो ये आम लोग ही फंसते हैं। तरन्नुम उन तीन महिलाओं में से एक है, जिसे थाईलैंड की फ्री ट्रिप और साथ 15000 रुपये का लालच दिया गया। इस ‘फ्री की लॉटरी’ के चक्कर में वो ये भूल गईं कि इसके पीछे का जोखिम कितना है।
2 महिलाओं को 25000 का लालच
कस्टम विभाग ने जो 2 अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की है। उनमें से एक में विभाग ने तमिलनाडु और कर्नाटक की 2 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। ये महिलाएं 3.9 किलो Hydroponic Weed (गांजा) छिपाकर ला रही थीं। इसकी कीमत करीब 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कस्टम अधिकारियों के मुताबिक इस काम के बदले महिलाओं को 25-25 हजार रुपये देने का लालच दिया गया था।
कस्टम के जाल में यूं फंसी तरन्नुम समेत 3 महिलाएं
बीते रविवार को कस्टम विभाग को ड्रग्स की तस्करी को लेकर भनक लगी थी। उन्होंने एक जाल बिछाया और ग्रीन चैनल की ओर बढ़ रहे यात्रियों पर कड़ी नजर रखी गई। इन्हीं यात्रियों में तरन्नुम जहां, शबाना बेगम और शरीफा हैदर मुला शामिल थीं। जांच में इनके पास से कुछ पैकेट बरामद हुए। जांच की गई तो पता चला कि यह गांजा है। 6.4 किलो ड्रग्स की कीमत 6.5 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है।
