MP News: वन विभाग के नियमों में बड़ा बदलाव, जानवरों के रेस्क्यू से पहले अफसरों से लेनी होगी इजाजत

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Animal Rescue Rule Madhya Pradesh: जंगली जानवरों को बचाने को लेकर वन विभाग कितना गंभीर है। इसका अंदाजा उसके नए फरमान से ही लगाया जा सकता है। विभाग ने प्रदेशभर में जानवरों के रेस्क्यू से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिया है।                                                                                                                                        प्रतिनिधि, इंदौर। जंगली जानवरों को बचाने को लेकर वन विभाग कितना गंभीर है। इसका अंदाजा उसके नए फरमान से ही लगाया जा सकता है। विभाग ने प्रदेशभर में जानवरों के रेस्क्यू से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिया है।

अब दल सूचना मिलते ही सीधे जानवरों को बचाने के लिए नहीं जा सकेगा। उसे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों की लिखित अनुमति अनिवार्य रूप से लेनी होगी।

वन्यजीव घायल होने पर उपचार के बाद जंगल में छोड़ने व शिफ्टिंग की प्रक्रिया सिर्फ वीडियो साक्ष्य के साथ होगी। रेस्क्यू दल का बनेगा वाट्सएप ग्रुप प्रदेशभर में वन्यप्राणियों के रेस्क्यू को लेकर एक वाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा।

इसके माध्यम से टीमें आपस में समन्वय करेंगी। साथ ही रेस्क्यू करने वाले जानवरों का डेटाबेस भी तैयार होगा ताकि भविष्य में इन्हें इस्तेमाल किया जा सकेगा। टीम का दायरा घटा रालामंडल अभयारण्य को रेस्क्यू टीम की जिम्मेदारी दे रखी है।

पहले इंदौर, खंडवा और उज्जैन वृत्त में आने वाले 14 जिलों में जानवरों को बचाने टीम जाती थी। इनमें इंदौर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, उज्जैन, देवास सहित अन्य जिले शामिल थे।

अब नए आदेश जारी होने के बाद टीम का दायरा घटा दिया गया है। अब रालामंडल की टीम सिर्फ चार जिलों में जानवरों को रेस्क्यू करने जाएगी। जबकि बाकी जिलों में अब एक-एक रेस्क्यू टीम बनानी होगी। उन्हें भी प्रशिक्षण देने का काम रालामंडल को दिया गया है।

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