मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने धार जिले के विवादित भोजशाला परिसर पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए इसे माँ वाग्देवी का मंदिर घोषित कर दिया है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने धार जिले के विवादित भोजशाला परिसर पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए इसे माँ वाग्देवी का मंदिर घोषित कर दिया है। जस्टिस आलोक कुमार अवस्थी ने फैसला पढ़ते हुए स्पष्ट किया कि यह परिसर मूल रूप से एक मंदिर है। कोर्ट ने आदेश दिया कि मुस्लिम पक्ष को इबादत के लिए अलग से जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके लिए वे सरकार के समक्ष याचिका दायर कर सकते हैं।
इस महत्वपूर्ण निर्णय के साथ ही कोर्ट ने अंतरसिंह द्वारा सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे धार जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिला प्रशासन और पुलिस बल हाई अलर्ट पर हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
भोजशाला विवाद दशकों पुराना है। हिंदू पक्ष इसे राजा भोज द्वारा निर्मित संस्कृत अध्ययन केंद्र और सरस्वती मंदिर मानता रहा है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे ‘कमाल मौला मस्जिद’ बताता था। 2026 तक चली इस लंबी कानूनी लड़ाई में पुरातत्व, इतिहास और आस्था के गहन अध्ययन के बाद कोर्ट ने यह अंतिम निर्णय सुनाया है।
Author: The Suryadon
सच्चाई की आवाज