UP Crime: यूपी के मेरठ में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया, जिसमें इमाम शहजाद ने अपनी पत्नी नईमा यासमीन की हत्या कर, 22 दिन बाद चरथावल थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। 17 सितंबर को सिवालखास क्षेत्र में मिले शव और 8 अक्टूबर को दर्ज कराई गई गुमशुदगी की तारीख में विसंगति ने पुलिस के शक को बढ़ाया, जिसके बाद पूछताछ में शहजाद ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
जिटल डेस्क: मेरठ के कुरैशियान फलावदा के रहने वाले इमाम शहजाद (हाल निवासी लक्खीपुरा लिसाड़ी गेट) पर आरोप है कि उसने अपनी पत्नी नईमा यासमीन (निवासी डिब्रूगढ़, असम) की हत्या कर दी और 22 दिन बाद उसकी गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने शव मिलने की तारीख और गुमशुदगी दर्ज कराने की तारीख में असमानता देखी।
मुजफ्फरनगर के चरथावल थाने में 8 अक्टूबर को शहजाद ने अपनी पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई और बताया कि नईमा 16 सितंबर से लापता है। लेकिन 17 सितंबर को जानी थाना क्षेत्र के सिवालखास में गंगनहर पटरी के बराबर एक लगभग 35 वर्षीय महिला का शव मिला था। पुलिस ने शव की फोटो और नईमा की तस्वीर मिलान की तो शहजाद को सूचना दी गई। इसी दौरान विसंगतियां सामने आईं।
