पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की निरीक्षण समिति ने उन 22 कॉलेजों का निरीक्षण पूरा कर लिया है, जिन्होंने नवीन पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति मांगी थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय को सौंप दी है, जिसमें ज्यादातर कॉलेजों में किताबों की कमी, अपडेटेड लाइब्रेरी का अभाव और शिक्षकों की कमी जैसी कमियां दर्ज की गई हैं।
इन कमियों को दूर करने की शर्त पर ही विश्वविद्यालय इन कॉलेजों को पाठ्यक्रम की मान्यता देने की तैयारी कर रहा है। निरीक्षण समिति की रिपोर्ट पहले विद्या परिषद की बैठक में रखी गई थी। अब यह रिपोर्ट विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में रखी जाएगी। कार्यपरिषद से प्रस्ताव पारित होने के बाद ही कॉलेजों को अंतिम मान्यता मिलेगी।
रायगढ़ गर्ल्स कॉलेज, गुरुकुल महिला महाविद्यालय और महंत कॉलेज में छात्रों के लिए पर्याप्त किताबें नहीं हैं। यहां पाठ्यक्रम के मुताबिक किताबें तक नहीं खरीदी गईं। वहीं, गुरुकुल महिला महाविद्यालय में लैब की व्यवस्था भी अधूरी पाई गई।
महाराजा अग्रसेन कॉलेज में दो नए शिक्षकों की नियुक्ति की जरूरत बताई गई है। शिक्षा स्नातक महाविद्यालय मांढर में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ दोनों की कमी है। इससे छात्रों की पढ़ाई और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।
माना कैंप स्थित शासकीय महाविद्यालय में फर्नीचर खरीदने और कंप्यूटर लैब स्थापित करने की जरूरत है। इसी तरह नवीन गर्ल्स कॉलेज अमलीडीह में कंप्यूटर साइंस लैब और सॉफ्टवेयर अपडेट करने की सिफारिश की गई है।
विवेकानंद कॉलेज और शहीद भगतसिंह पटेल कॉलेज में किताबें और लैब उपकरणों की भारी कमी है। कई कॉलेजों में पुस्तकालय का उचित कक्ष तक नहीं है, जिससे छात्रों को अध्ययन में दिक्कतें आ रही हैं।
22 में से कुछ महाविद्यालय पूरी तरह नए पाठ्यक्रम शुरू करना चाहते हैं, जबकि कुछ पहले से संचालित पाठ्यक्रमों की अगली कक्षाओं की मान्यता मांग रहे हैं।
- जिन कॉलेजों ने पूर्णतः नवीन पाठ्यक्रम के लिए आवेदन किया है, वे अब अगले सत्र (2026-27) में ही प्रवेश दे पाएंगे।
- वहीं, जिन कॉलेजों में पहले से पाठ्यक्रम चल रहे हैं, उन्होंने प्रथम या द्वितीय वर्ष के छात्रों को अगले वर्ग में प्रवेश दे दिया है। ऐसे कॉलेज वर्तमान सत्र से ही मान्यता का लाभ उठा सकते हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने नवीन पाठ्यक्रमों के लिए पहला निरीक्षण नवंबर 2024 में किया था। लेकिन विभाग की अनुमति अगस्त 2025 में जारी हुई। इसके बाद ही रविवि ने अपनी निरीक्षण समिति को मैदान में भेजा, जिसने अब रिपोर्ट सौंप दी है।
- वहीं, जिन कॉलेजों में पहले से पाठ्यक्रम चल रहे हैं, उन्होंने प्रथम या द्वितीय वर्ष के छात्रों को अगले वर्ग में प्रवेश दे दिया है। ऐसे कॉलेज वर्तमान सत्र से ही मान्यता का लाभ उठा सकते हैं।
Author: The Suryadon
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