‘लाल सलाम हिडमा’ पोस्ट से मचा बवाल:युवा कांग्रेस ने बनाई जांच समिति, जांच पूरी होने तक प्रीति मांझी को पद से दूर किया

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  विवादित सोशल मीडिया पोस्ट   युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सहसचिव प्रीति मांझी के हिडमा को लेकर किए गए सोशल मीडिया पोस्ट मामले में जांच समिति गठित कर दी गई है,और जांच पूरी होने तक प्रीति मांझी को उनके पद से हटाकर सभी आधिकारिक कार्यों से अलग कर दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद युवा कांग्रेस ने कड़ी कार्रवाई की बात भी कही है।

छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस प्रभारी अमित सिंह पठानिया ने समिति बनाई है, और साफ किया है कि जांच पूरी होने तक प्रीति मांझी किसी भी आधिकारिक निर्णय या कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बनेंगी। युवा कांग्रेस चाहती है कि नक्सलवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर पूरी सतर्कता और शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाए।युवा कांग्रेस ने बनाई जांच समिति   

पोस्ट को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर “अर्बन नक्सलवाद को बढ़ावा देने” का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस हिंसा फैलाने वालों को महिमामंडित कर रही है।

यूथ कांग्रेस की राष्ट्रीय पदाधिकारी ने नक्सली हिड़मा को कॉमरेड बताते हुए पोस्ट किया था। हालांकि कुछ ही देर बाद पोस्ट हटा लिया गया, लेकिन इसे लेकर अब विवाद शुरू हो गया है।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की रहने वाली प्रीति मांझी ने इंस्टाग्राम पर हिड़मा की फोटो लगाकर लाल सलाम कॉमरेड लिखा। पोस्ट जैसे ही वायरल हुआ, लोगों के रिएक्शन आए तो उसे डिलीट कर दिया गया। लेकिन अब उसके स्क्रीनशॉट तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गए है। जिसके बाद पार्टी पर कई तरह सवाल उठने लगे। इसे लेकर पार्टी ने साफ कर दिया है कि ये पोस्ट करने वाले का व्यक्तिगत विषय है। पार्टी से उसका कोई लेना देना नहीं है।

कांग्रेस ने इस पूरे मामले पर अपना आधिकारिक स्टैंड साफ कर दिया है। कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि देश और संविधान, आम लोग और कांग्रेस पार्टी की निगाह में हिड़मा एक हत्यारा था।

झीरम कांड जिसमें कांग्रेस ने अपनी एक पूरी पीढ़ी को खो दिया था, उसका सूत्रधार भी हिडमा ही बताया जाता है। ऐसे व्यक्ति से कांग्रेस की कोई संवेदना नहीं है।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हिडमा का अंत बताता है कि संविधान के इतर जाकर रक्तपात करेंगे तो आपका अंत ऐसा ही होगा।

किसी व्यक्ति ने अगर उसे लेकर पोस्ट किया गया है तो यह उनका व्यक्तिगत विषय हो सकता है। कांग्रेस पार्टी के लिए हिड़मा बस्तर में आतंक का पर्याय था। कांग्रेस पार्टी की कोई संवेदना उसके साथ नहीं है।

विवाद बढ़ने पर प्रीति मांझी ने स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पोस्ट का गलत अर्थ निकाला गया है। उनका उद्देश्य किसी नक्सली या हिंसक गतिविधि का समर्थन करना नहीं था, बल्कि आदिवासी इलाकों के संघर्ष और वहां के हालात की ओर ध्यान आकर्षित करना था।

मांझी ने आगे कहा, “मैं गांधीवादी विचारधारा की हूं, संविधान का समर्थन करती हूं और नक्सलियों का पुरजोर विरोध करती हूं। छत्तीसगढ़ की बेटी होने के नाते मेरा व्यक्तिगत मत है कि नक्सली ज्यादा से ज्यादा आत्मसमर्पण करें और मुख्यधारा में आएं।”

उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने सीधे पोस्ट नहीं डाली थी, बल्कि एक स्टोरी शेयर की थी जिसमें एआई-जनरेटेड क्लिप थी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि नक्सली आत्मसमर्पण करते हैं, तो सरकार के साथ कांग्रेस पार्टी भी उनके मुख्यधारा में आने का समर्थन करती है।

देश का सबसे खतरनाक नक्सली माना जाने वाला माडवी हिडमा 18 नवंबर को छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर मारा गया। ये नक्सल संगठन में सेंट्रल कमेटी का सदस्य था। इस पर 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था। छ्त्तीसगढ़ में नक्सल संगठन का फ्रंट लाइन का लीडर था।

यूथ कांग्रेस पदाधिकारी के पोस्ट और हिड़मा के एनकाउंटर की खबर सामने आने के बाद मामला और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है। पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है, लेकिन विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा।

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