14 से 17 दिसंबर तक छत्तीसढ़ विधानसभा में चलेगा शीतकालीन सत्र, 96 फीसदी MLA ने पूछे ऑनलाइन सवाल

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नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन में 14 से 17 दिसंबर तक होने वाले शीतकालीन सत्र की तैयारियां पूरी हो गई हैं। विधायकों ने 628 प्रश्न भेजे हैं, जिनमें 96% ऑनलाइन पूछे गए। पहले दिन छत्तीसगढ़ विजन 2047 पर चर्चा होगी। विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने विपक्ष को अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की सलाह दी।

प्रतिनिधि, रायपुर। नवा रायपुर में बने नए विधानसभा भवन में 14 से 17 दिसंबर तक होने वाले शीतकालीन सत्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने अपनी बात को सदन में उठाने के लिए 628 प्रश्न विधानसभा भेज दिए हैं। इनमें से 333 तारांकित और 295 अतारांकित प्रश्न हैं। विधानसभा में ऑनलाइन सवाल पूछने वाले विधायकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।इस बार ऑनलाइन पूछे गए सवालों की संख्या 96.17 प्रतिशत है। सिर्फ 3.83 प्रतिशत सवाल ऑफ लाइन पूछे गए हैं। विधानसभा को सदस्यों से ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की 48, नियम 139 के अधीन अविलंबीय लोक महत्व के विषय पर चर्चा के लिए एक, अशासकीय संकल्प की नौ, शून्य की चार और याचिका की 77 सूचनाएं मिली हैं।पहले दिन सदन में छत्तीसगढ़ विजन 2047 पर चर्चा होगी। 15 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रथम अनुपूरक अनुमान पेश किया जाएगा। 16 दिसंबर को अनुपूरक मांगों पर चर्चा और संबंधित विनियोग विधेयक का पुरस्थान, विचार और पारित किया जाएगा। सत्र में छत्तीसगढ़ दुकान व स्थापना (नियोजन व सेवा शर्तों का विनियम (संशोधन) विधयेक-2025) पेश किया जाएगा। विभागों से प्राप्त प्रतिवेदनों पर पटल पर रखा जाएगा।विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने गुरुवार को नए विधानसभा भवन में पत्रकारों से बातचीत में शीतकालीन सत्र की जानकारियां और अपने विजन को साझा किया। उन्होंने कहा कि शनिवार और रविवार को सामान्य तौर पर सदन का अवकाश रहता है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर्तव्य बोध के आह्वान से प्रेरित होकर रविवार को भी सदन की कार्यवाही के लिए सुनिश्चित किया गया है।छत्तीसगढ़ विधानसभा की पहली बैठक 14 दिसंबर 2000 को राजकुमार कालेज के जशपुर हाल में हुई थी। उन्होंने पत्रकारों के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सदन में 70 से 80 प्रतिशत स्पेस विपक्ष के लिए आरक्षित होता है। विपक्ष को चाहिए कि सत्ता पक्ष से अधिक से अधिक प्रश्न पूछे और जनता के मुद्दे उठाए।मीडिया के माध्यम से जनता तक अपनी बातें पहुंचाकर सदन को और प्रभावी बनाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा परिसर में एक विशेष इतिहास और संस्कृति कारिडोर बनाया जाएगा, जिसमें प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा प्रदर्शित की जाएगी।

The Suryadon
Author: The Suryadon

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