छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के दौरान शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले एक शिक्षक के निलंबन पर राजनीति गरमा गई है। इस मामले में अब प्रदेश कांग्रेस ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोला है।
कांग्रेस ने सरकार की इस कार्रवाई को पूरी तरह से अलोकतांत्रिक बताया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एक शिक्षक ने सिर्फ यही लिखा कि सरकार बड़े तामझाम से राज्योत्सव मना रही है, जबकि राज्य के कई स्कूलों में बच्चों को पढ़ने के लिए किताबें तक नहीं पहुंची हैं और बच्चे परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
बैज ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह सरकार पूरी तरह से अलोकतांत्रिक हो गई है। एक शिक्षक ने लिखा कि सरकार राज्योत्सव मना रही है और स्कूलों में परीक्षा की तैयारी चल रही है, लेकिन किताबें अभी तक स्कूलों में नहीं पहुंची हैं। जैसे ही यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर पोस्ट हुई, शिक्षक को निलंबित कर दिया गया।
बैज ने पूछा कि आखिर क्यों? क्या इस सरकार में किसी को बोलने और लिखने की स्वतंत्रता नहीं है? क्या सरकार अपनी खामियों को उजागर करने वालों की आवाज को दबा रही है?
दरअसल, धमतरी जिले के कुरूद ब्लॉक में नारी के प्राइमरी स्कूल में सहायक शिक्षक ढालूराम साहू ने अपने वॉट्सऐप स्टेटस पर सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने टिप्पणी की थी कि स्कूली बच्चों को शैक्षणिक सत्र के 5 महीने बीत जाने के बाद भी पूरी किताबें नहीं मिली हैं, ऐसे में राज्योत्सव की खुशियां मनाना कहां तक उचित है।
साहू ने यहां तक कह दिया था कि इस लापरवाही के लिए शिक्षकों से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और यहां तक कि विभागीय मंत्री तक का वेतन काट दिया जाना चाहिए। शिक्षक का यह स्टेटस कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अभय कुमार जायसवाल ने तुरंत बैठक बुलाई और सहायक शिक्षक ढालूराम साहू को शासन-प्रशासन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में निलंबित कर दिया।
Author: The Suryadon
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